अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सोलर सिस्टम, इंस्टॉलेशन और रखरखाव से जुड़े सामान्य प्रश्नों के उत्तर।
सामान्य
ऑन-ग्रिड सिस्टम बिजली ग्रिड से जुड़ा होता है और अतिरिक्त बिजली नेट मीटरिंग से ग्रिड में भेजता है। ऑफ़-ग्रिड सिस्टम बैटरी के साथ स्वतंत्र रूप से चलता है। हाइब्रिड सिस्टम ग्रिड और बैटरी दोनों का उपयोग करता है ताकि बिजली कटौती में भी बैकअप मिले।
आमतौर पर लगभग 80-100 वर्ग फ़ुट छाया-रहित जगह प्रति किलोवाट लगती है। सटीक आवश्यकता पैनल के प्रकार और छत की बनावट पर निर्भर करती है, जिसे साइट सर्वे में तय किया जाता है।
हाँ, लेकिन कम मात्रा में। उत्पादन धूप की तीव्रता पर निर्भर करता है, इसलिए बादल या बारिश के दिनों में बिजली उत्पादन घट जाता है।
इंस्टॉलेशन
नेट मीटरिंग में एक द्वि-दिशात्मक मीटर लगता है जो ग्रिड से ली गई और ग्रिड को दी गई बिजली दोनों को मापता है। आपका बिल इन दोनों के अंतर पर बनता है। इसके लिए आपके DISCOM की स्वीकृति आवश्यक होती है।
हमारे इंजीनियर छत का आकार और मज़बूती, छाया, दिशा, मीटर और लोड की जाँच करते हैं तथा फ़ोटो और GPS लोकेशन दर्ज करते हैं। इसी के आधार पर सही सिस्टम आकार और कोटेशन तैयार होता है।
रखरखाव
पैनलों की नियमित सफ़ाई (धूल के अनुसार) और समय-समय पर वायरिंग, इन्वर्टर व अर्थिंग की जाँच पर्याप्त होती है। हम सर्विस विज़िट और वार्षिक रखरखाव अनुबंध (AMC) प्रदान करते हैं।
अब भी कोई प्रश्न है?
हमारे सोलर विशेषज्ञ आपके सुविधाजनक समय पर कॉल करेंगे।